सबको इतना दर्द क्यों देती हो..??
जिन्दगी ने हंसकर जवाब दिया..
मैं तो सबको ख़ुशी ही देती हुँ..
पर एक की ख़ुशी दुसरे का दर्द बन जाती है !!
2.जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा है,
हम सच मान कर ऐतबार करते हैं ।
3.मुहब्बत में सच्चा यार न मिला, दिल से चाहे हमें वो प्यार न मिला।
हम सच मान कर ऐतबार करते हैं ।
3.मुहब्बत में सच्चा यार न मिला, दिल से चाहे हमें वो प्यार न मिला।
लूटा दिया उसके लिए सब कुछ मैने, मुसीबत में मुझे मददग़ार न मिला।
4.अब ये न पूछना की..ये अल्फ़ाज़ कहाँ सेलाता हूँ,
कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के,कुछ अपनी सुनाता हूँ|
कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के,कुछ अपनी सुनाता हूँ|
5.वो साथ थे तोएक लफ़्ज़ ना निकलालबों से,दूर क्या हुए
कलम ने क़हर मचा दिया..!!
6.भूलना चाहो तो भी याद हमारी आएगी,दिल की गहराई मे हमारी तस्वीर बस जाएगी.
ढूढ़ने चले हो हमसे बेहतर दोस्त,तलाश हमसे शुरू होकर हम पे ही ख़त्म हो जाएगी.
7. टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता,इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता,
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता,के टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता
8.एक तो तुम हसीन इतने हो,उस पर अलफ़ाज़ भी रखते हो,
तुम ही कहो कोई क्यों ना दिल हारे,दिलकश शायराना अंदाज़ भी रखते हो।
9.जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं,वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा है,हम सच मान कर ऐतबार करते हैं..
6.भूलना चाहो तो भी याद हमारी आएगी,दिल की गहराई मे हमारी तस्वीर बस जाएगी.
ढूढ़ने चले हो हमसे बेहतर दोस्त,तलाश हमसे शुरू होकर हम पे ही ख़त्म हो जाएगी.
7. टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता,इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता,
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता,के टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता
8.एक तो तुम हसीन इतने हो,उस पर अलफ़ाज़ भी रखते हो,
तुम ही कहो कोई क्यों ना दिल हारे,दिलकश शायराना अंदाज़ भी रखते हो।
9.जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं,वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा है,हम सच मान कर ऐतबार करते हैं..